बचपन पर हावी अभिभावक
आज देखती हूँ अपने चारो तरफ तो बच्चो के बचपन को ख़तम होता पाती हूँ|
आवश्यक है अभिभावक का बच्चो को उचित निर्देश देना और उनको उनके बचपन में जीने का हक़ देना बच्चो को हर समय अपने मनचाहे आदेशों की पलना करने वाला रोबोट नहीं समझना चाहिए| उनके कोमल मन को भी टटोलते रहना चाहिए वरना उनका मानसिक विकास नहीं हो पता और बच्चे स्वयं के माँ बाप से समय बिताने के साथ दूरी बनाते जाते है| वो अपनी अलग दुनिया ढूढने लग जाते है जहाँ वो अपनी मन मर्जी की सासे ले सके |
बच्चे अपने मन की बाते उनसे नहीं कर पाते बल्किउनकी कार्यपद्धति को समझने की कोशिश करते है और शनैः शनैः उनके आदेशों की ओहेलाना करने लगते हैं|
अशिष्ट शब्दों का प्रयोग करके बच्चो की परवारिश अपने बच्चो को अशिष्ट बनाने का प्रथम चरण है |
आज के समय में अच्छे बच्चो का निर्माण नहीं वरन अच्छा अभिभावक बनाने स्पर्धा चल रही है|
बच्चे को माँ बाप का हर व्यव्हार कुछ न कुछ सिखाता है| चाहे वह उनकी शैक्षणिक पद्धति हो, उनका रहन सहन, हो या उनकी भेष भूषा ,
एक अच्छा विद्यार्थी ही नहीं उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाने की कोशिश करे 😊
ऐ समझना होगा ३- ६ साल का बच्चा युवक नहीं बन सकता |
जीवन की हर अवस्था का अपना महत्तव है उसकी महत्ता अभिभावकों को
समझनी चाहिए |
हम बच्चे है हमें खेलIने दो पढ़ने दो हॅसने दो खिलखिलाने दो
हावी मत हो मां पापा जीने दो किताबो के बोझ में न दबाओ
आवश्यक है अभिभावक का बच्चो को उचित निर्देश देना और उनको उनके बचपन में जीने का हक़ देना बच्चो को हर समय अपने मनचाहे आदेशों की पलना करने वाला रोबोट नहीं समझना चाहिए| उनके कोमल मन को भी टटोलते रहना चाहिए वरना उनका मानसिक विकास नहीं हो पता और बच्चे स्वयं के माँ बाप से समय बिताने के साथ दूरी बनाते जाते है| वो अपनी अलग दुनिया ढूढने लग जाते है जहाँ वो अपनी मन मर्जी की सासे ले सके |
बच्चे अपने मन की बाते उनसे नहीं कर पाते बल्किउनकी कार्यपद्धति को समझने की कोशिश करते है और शनैः शनैः उनके आदेशों की ओहेलाना करने लगते हैं|
अशिष्ट शब्दों का प्रयोग करके बच्चो की परवारिश अपने बच्चो को अशिष्ट बनाने का प्रथम चरण है |
आज के समय में अच्छे बच्चो का निर्माण नहीं वरन अच्छा अभिभावक बनाने स्पर्धा चल रही है|
बच्चे को माँ बाप का हर व्यव्हार कुछ न कुछ सिखाता है| चाहे वह उनकी शैक्षणिक पद्धति हो, उनका रहन सहन, हो या उनकी भेष भूषा ,
एक अच्छा विद्यार्थी ही नहीं उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाने की कोशिश करे 😊
ऐ समझना होगा ३- ६ साल का बच्चा युवक नहीं बन सकता |
जीवन की हर अवस्था का अपना महत्तव है उसकी महत्ता अभिभावकों को
समझनी चाहिए |
हम बच्चे है हमें खेलIने दो पढ़ने दो हॅसने दो खिलखिलाने दो
हावी मत हो मां पापा जीने दो किताबो के बोझ में न दबाओ



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