karwat leta samay
जरुरी नहीं की सब सही हो जीवन में
कभी कभी विषमताओं में भी जीना पड़ता है →
बस थोड़े से दिनों पहले सब सामान्य और सुखद चल रहा था सब समय पैर अपने कार्यस्थल पैर तैनात थे |
त्यौहार और मनोरंजन सब अपनी जगह पर मौज मस्ती से मनाये
जा रहे थे♥️♥️
अपनों से अपना पन और मित्रो से प्यार भरपूर प्यार मिल रहा था 😊फिर भी हमें जिंदगी अधूरी और बोरियत से भरी लगाती थी丨वही घिसी पीटी रोज की दिनचर्या मन उठ सा गया था 😑 किसी नवीनता की तलाश में था 👇आज कोविड़ १९ के चलते सबकुछ बदल सा गया है 😏
कल हमें फुर्सत नहीं थी एक दूसरे से मिलने की और आज हमें इजाजत नही है एक दूसरे के करीब आने की। रोज बच्चो का पेट भरने और जरुरी आवश्यकताओ को पूरा के लिए एक जंग लड़ते थे वापस आने के बाद बच्चो को गले लगाकर भरपूर प्यार करना बेबाक बेपरवाह होकर l
आज के परिपेक्ष में इस बात को अगर कहू तो कुछ ऐसे कहना पड़ेगा →
दुकानों पर जाना और एक नियत दूरी पर खड़े रहना अपनी बारी का इंतज़ार करना और किसी से अड़ न जाएँ इसका धयान रखना🙏 सारे सामान लिया या नहीं बार बार इस बात का दिमाग पर जोर डालना बच्चे बुजुर्ग महिलाओ सबके सामन ले लिए या नहीं इस बात की पुस्टि बार बार अपने आप से ही करनाl
सबकुछ पहिले भी तो ऐसा ही था लेकिन ऐसा दहशत भरा न था अब कोई स्पर्धा न रही किसी को पीछे छोड़ने की हमें बहुत कुछ सिखा गया l
अपनों से अपना पन और मित्रो से प्यार भरपूर प्यार मिल रहा था 😊फिर भी हमें जिंदगी अधूरी और बोरियत से भरी लगाती थी丨वही घिसी पीटी रोज की दिनचर्या मन उठ सा गया था 😑 किसी नवीनता की तलाश में था 👇आज कोविड़ १९ के चलते सबकुछ बदल सा गया है 😏
कल हमें फुर्सत नहीं थी एक दूसरे से मिलने की और आज हमें इजाजत नही है एक दूसरे के करीब आने की। रोज बच्चो का पेट भरने और जरुरी आवश्यकताओ को पूरा के लिए एक जंग लड़ते थे वापस आने के बाद बच्चो को गले लगाकर भरपूर प्यार करना बेबाक बेपरवाह होकर l
आज के परिपेक्ष में इस बात को अगर कहू तो कुछ ऐसे कहना पड़ेगा →
दुकानों पर जाना और एक नियत दूरी पर खड़े रहना अपनी बारी का इंतज़ार करना और किसी से अड़ न जाएँ इसका धयान रखना🙏 सारे सामान लिया या नहीं बार बार इस बात का दिमाग पर जोर डालना बच्चे बुजुर्ग महिलाओ सबके सामन ले लिए या नहीं इस बात की पुस्टि बार बार अपने आप से ही करनाl
सबकुछ पहिले भी तो ऐसा ही था लेकिन ऐसा दहशत भरा न था अब कोई स्पर्धा न रही किसी को पीछे छोड़ने की हमें बहुत कुछ सिखा गया l
कोरोना एक छोटा सा वायरस जो बड़े- बड़े ग्रंथ पुराण न पढ़ा सके l


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