थोड़ा थम जाते है

कभी रौनक तो कभी शांति भली कभी तेजी तो कभी धीमी चाल भली 丨
कहते है त्योहारों में रौनक और दुःख में शान्ति न हो तो शोभनीय नहीं丨बारात में तेज चाल चलते हुए वर वधू अच्छे नहीं लगते है l
समय मौके के साथ अनुकूलित होकर जो चले वही मानव है ईश्वर ने मानव को इतनी सोचने समझने की शक्ति दी है lकि वो सब  प्राणियों में श्रेष्ठ माना  जाता है कि वह अपना और अपने पर आश्रित पशू पछी पेड़ पौधे प्रकृति में मौजूद संसाधनों कि देखभाल और रखरखाव अच्छे से कर सकेl
२०२० की शुरुवात एक महामारी से हुई है जो ख़तम होने का नाम नहीं ले रही है रोज रोज बढ़ाते हुए आँकड़े एक नकारात्मक ऊर्जा पैदा कर रहे हैl

ऐसे में सरकार कुछ कार्यालयों बाजारों शराब की दुकानों को खोल देना कहा तक उचित विचार इसपर नहीं करना है Ilशायद सरकार के कदम सही है पर चेतना और समझ तो हमें अपने आप लानी है
सोशल डिस्टन्सिंग में रहना मास्क ग्लव्स पहिनाना सामान का उपयोग करने से पाहिले स्वछता का धयान रखना ये कर्त्तव्य
आमजन के लिए है जिसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है丨
आज अगर थम जाना बेहतर है तो थम जाते है गर मेरा आपका मिलाना बीमारी को बढ़ाए तो हम नहीं मिलते丨


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